शिमला जिले के ठियोग उपमंडल में टैंकरों से पानी आपूर्ति के नाम पर हुए लाखों रुपये के घोटाले की जांच शनिवार को विजिलेंस विभाग ने शुरू कर दी। एएसपी नरवीर सिंह राठौर की अगुवाई में जांच टीम ने ठियोग एसडीएम कार्यालय से पानी आपूर्ति संबंधित रिकॉर्ड को कब्जे में लिया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए विजिलेंस ने 27 नवंबर को सूचना मिलने के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि टैंकरों की जगह बाइक, कार और अधिकारियों की गाड़ियों के नंबर दर्ज किए गए। यहां तक कि जहां सड़कें नहीं हैं, वहां भी पानी आपूर्ति दिखाकर लाखों का घोटाला किया गया।

सरकार ने मामले की गंभीरता को समझते हुए 10 अधिकारियों को निलंबित कर विभाग मुख्यालय अटैच किया है। साथ ही ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। विजिलेंस जल्द ही एफआईआर दर्ज कर सकती है, जिससे निलंबित अधिकारियों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

ठियोग से कांग्रेस विधायक कुलदीप राठौर ने कहा, “जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने उपमुख्यमंत्री एवं जलशक्ति मंत्री मुकेश अग्निहोत्री से निष्पक्ष जांच की मांग की और तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।

एसडीएम मुकेश ने जानकारी दी कि विजिलेंस टीम को सभी संबंधित दस्तावेज सौंप दिए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, मामले में जल्द ही और खुलासे हो सकते हैं।

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