मार्च के आखिरी दिनों में हिमाचल प्रदेश में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जो सेब, खुबानी, आलू बुखारा, चेरी जैसे स्टोन फ्रूट के लिए चिंता का कारण बन सकता है। राज्य में ठंड का असर बढ़ने से फलों को नुकसान होने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, 25 मार्च से एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे किन्नौर, लाहुल-स्पीति, चंबा और कुल्लू में बर्फबारी हो सकती है। इसके अलावा, 26 मार्च को कई इलाकों में बारिश के साथ यलो अलर्ट जारी किया गया है।
नीचे दिए गए विडियो को एक बार ज़रूर देखें :
हिमाचल में कहां-कहां होगी बारिश और बर्फबारी?
25 मार्च:
किन्नौर, लाहुल-स्पीति और चंबा में बर्फबारी संभव
कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश
26 मार्च:
किन्नौर, लाहुल-स्पीति, चंबा, कांगड़ा और कुल्लू में बारिश और बर्फबारी
यलो अलर्ट जारी
27 मार्च:
लाहुल-स्पीति, किन्नौर, चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू और शिमला में हल्की बारिश की संभावना
रविवार को शिमला में दिनभर धूप खिली रही, लेकिन सुबह और शाम को ठंड बनी रही।
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स्टोन फ्रूट किसानों के लिए क्यों बढ़ी चिंता?
पिंक पत्तियां दिखने लगी हैं, जिससे सेब और अन्य स्टोन फ्रूट विकास की ओर बढ़ रहे हैं।
पहले हुई बारिश और बर्फबारी से फलों को पर्याप्त चिलिंग ऑवर्स मिले, लेकिन अब अचानक ठंड बढ़ने से फूल झड़ सकते हैं।
यदि अगले कुछ दिनों में ठंड और बारिश जारी रही, तो फसलों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
आने वाले दिनों में कैसा रहेगा तापमान?
मौसम विभाग के अनुसार, अधिकतम और न्यूनतम तापमान में अस्थिरता बनी रहेगी। हिमाचल के मैदानी और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान में गिरावट हो सकती है।
किसानों को क्या करना चाहिए?
मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखें।
फसलों को ठंड और बारिश से बचाने के लिए संरक्षण उपाय अपनाएं।
जल निकासी की उचित व्यवस्था करें ताकि फसलों को जलभराव से नुकसान न हो।