हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से छठी कक्षा से कंप्यूटर शिक्षा शुरू करने की योजना बनाई गई है। अभी तक राज्य में कंप्यूटर की पढ़ाई नौवीं कक्षा से होती थी, लेकिन अब शिक्षा बोर्ड ने इसे पहले से शुरू करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा है।
अगर सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो 2026-27 से सरकारी स्कूलों में डिजिटल लर्निंग का नया युग शुरू होगा।राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत इस योजना के लिए राज्य सरकार को केंद्र से फंड मिलेगा। शिक्षा बोर्ड ने इसका बजट तैयार कर लिया है, जो सरकार को भेजा गया है। इस योजना का उद्देश्य बच्चों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ना और भविष्य के लिए तैयार करना है।
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अब तक, सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा सिर्फ नौवीं से उपलब्ध थी, जिससे छात्रों को तकनीकी ज्ञान सीमित रूप से मिलता था। अब छठी कक्षा से ही डिजिटल लर्निंग शुरू होने से छात्रों को बेसिक कंप्यूटर स्किल्स और तकनीकी दक्षता मिलेगी।
इस योजना के तहत सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर लैब, इंटरनेट और अन्य डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार पहले स्कूलों का सर्वे करेगी, ताकि उन संस्थानों को प्राथमिकता दी जा सके, जहां कंप्यूटर की कमी है।
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हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला के सचिव, डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि बोर्ड ने प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेज दिया है। जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है, जिससे राज्य के लाखों छात्रों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा का लाभ मिलेगा।